बारहों महीनों की सभी एकादशी के नाम

1. चैत्र मास

  1. पापमोचनी एकादशी (कृष्ण पक्ष)

2. कामदा एकादशी (शुक्ल पक्ष)

2. वैशाख मास

  1. वैरागी / वरुथिनी एकादशी (कृष्ण पक्ष)

2. मोहिनी एकादशी (शुक्ल पक्ष)

3. ज्येष्ठ मास

  1. अपरा / अचला एकादशी (कृष्ण पक्ष)

2. निर्जला एकादशी (शुक्ल पक्ष)

4. आषाढ़ मास

  1. योगिनी एकादशी (कृष्ण पक्ष)

2. देवशयनी एकादशी (शुक्ल पक्ष)

5. श्रावण मास

  1. कामा / क्रीष्ण एकादशी (कृष्ण पक्ष)

2. पवित्रा / पुत्रदा एकादशी (शुक्ल पक्ष)

6. भाद्रपद मास

  1. अजा एकादशी (कृष्ण पक्ष)

2. परिवर्तिनी (पार्श्व) एकादशी (शुक्ल पक्ष)

7. आश्विन मास

  1. इंदिरा एकादशी (कृष्ण पक्ष)

2. पापाङ्कुशा एकादशी (शुक्ल पक्ष)

8. कार्तिक मास

  1. रमा / रमा एकादशी (कृष्ण पक्ष)

2. प्रबोधिनी / देवोत्थानी एकादशी (शुक्ल पक्ष)

9. मार्गशीर्ष मास

  1. उत्पन्ना एकादशी (कृष्ण पक्ष)

2. मोक्षदा एकादशी (शुक्ल पक्ष)

10. पौष मास

  1. सफला एकादशी (कृष्ण पक्ष)

2. पुत्रदा एकादशी (शुक्ल पक्ष)

11. माघ मास

  1. षट्तिला एकादशी (कृष्ण पक्ष)

2. जया एकादशी (शुक्ल पक्ष)

12. फाल्गुन मास

  1. विजया एकादशी (कृष्ण पक्ष)

2. आमलकी एकादशी (शुक्ल पक्ष)

ग्यारस व्रत का महत्व

  • यह व्रत सर्वश्रेष्ठ व्रतों में गिना जाता है।
  • इसे रखने से व्यक्ति को विशेष पुण्य मिलता है।
  • भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।